अपने नाम के अनुरूप मध्यप्रदेश भारत का केन्द्रीय राज्य हैं।मध्यप्रदेश के जंगल और नदियां आज भी पूरे देश के पर्यावरण को पोषित करती हैं।
मध्यप्रदेश में पूरे देश का सर्वाधिक जंगल हैं,जो देश के लिए अाक्सीजन फैक्ट्री का काम करते है।राज्य की ज़मीन ना केवल उर्वरा है बल्कि भीम बेटका, सांची और खजुराहों जैसी विश्व धरोहरों को संजोए हुए हैं।
यह देश की सर्वाधिक जनजातीय आबादी निवास करती हैं। मध्यप्रदेश की नदियां और उसके जलतंत्र पूरे देश को अपने जल से पोषित करते हैं। तथा राज्य में तालाबों की परंपरा अतीत और इतिहास के साथ गुथी हैं।व स्वतंत्रता पूर्व बने चंदेला और बुंदेला तालाब आज भी ,अपनी गौरवपूर्ण उपस्थिति के साथ मौजूद हैं।

मध्यप्रदेश का भौगोलिक क्षेत्रफल 308245 वर्ग कि.मी है।जो देश के कुल क्षेत्रफल 3287263वर्ग कि.मी में से "9.38"फ़ीसदी हैं।

आबादी

मध्यप्रदेश की जनसंख्या 7 करोड़ 25 लाख 97 हज़ार 565 हो गई हैं।यह देश की कुल जनसंख्या का छ:फ़ीसदी हैं।
जनगणना 2011 के अंतिम आंकड़ों के अनुसार राज्य की कुल जनसंख्या में 3करोड़ ,76लाख ,12हज़ार नों सौ पुरुष
एवम् 3करोड़ 49लाख 84हज़ार छ: सौ पेतलिस महिलाएं हैं।
मध्यप्रदेश की कुल जनसंख्या देश की आबादी का 6 % है। तथा जनसंख्या की दृष्टि से, राज्य जनगणना 2001 के सातवें स्थान से जनगणना 2011 में 6 वा स्थान पर आ गया हैं।
पिछले एक दशक में मध्यप्रदेश की जनसंख्या वृद्धि दर 24.34 फ़ीसदी से कम होकर 20.30फ़ीसदी हो गई है ।इस तरह जनसंख्या वृद्धि में बीते एक दशक में 3.96फ़ीसदी की कमी दर्ज की गई।

प्रशासनिक संरचना

वर्तमान में प्रशासनिक तौर पर 10 संभागों और 51 जिलों में बटा मध्यप्रदेश सन् 1956 को अस्तित्व में आया था , तब इसका निर्माण मध्य भारत, विंध्य प्रदेश, और भोपाल राज्यो के साथ ही महाकौशल क्षेत्र के 14 जिलों जो पहले सी.पी. एंड बरार हिस्से थे,को मिलाकर हुआ था।
तथा प्रदेश की स्थापना के समय मध्यप्रदेश में 43जिले थे।70कें दशक में सीहोर और राजनांदगांव नामक दो जिलों के निर्माण से इनकी संख्या 45हो गई ।1998 में प्रदेश में 16 नए जिले बने और फिर संख्या हो गई 45।
बाद में राज्य में पांच और नए जिले बने फिर संख्या हो गई 50।इसके बाद वर्ष 2003 में राज्य में एक और नया जिला आगर - मालवा का निर्माण हुआ।

सिंचाई

राज्य में सिंचाई के मुख्य स्त्रोत कुएं,प्राकृतिक स्रोत तालाब और नदी है।इसके अलावा नहरे सिंचाई का एक अन्य स्त्रोत है।सिंचाई के यह स्त्रोत सरकारी तथा निजी दोनों तरह के है।
राज्य में नर्मदा,चंबल,बेतवा, केन, सोन, ताप्ती, पेंच, वेनगंगा एवम् माही नदियां जल संसाधन के प्राकृतिक स्रोतो में है।इनके अलावा राज्य में तालाबो की उपलब्धता भी हैं।
प्रदेश  की नदियां सभी दिशाओं में प्रवाहित होती हैं। माही ताप्ती नदी पश्चिम में, सोन नदी पूर्व में, नर्मदा नदी पश्चिम की ओर मध्य में एवम् वेनगंगा नदी दक्षिण की, ओर प्रवाहित होती हैं।
तथा राज्य की अधिकतम सिंचाई क्षमता करीब 112.90लाख हेक्टेयर आकी गई है।

वन

मध्यप्रदेश को देश के सबसे बड़े वन क्षेत्र को अपने आप में समेटने का गौरव प्राप्त है।राज्य का कुल वन क्षेत्र 94689.38वर्ग कि.मी।है जो राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 30.72फ़ीसदी है।इनमे 61886वर्ग किलमीटर आरक्षित,31098वर्ग कि.मी. संरक्षित और 1705.85वर्ग कि.मी अववर्गीकृत वन है।तथा राज्य के वनों में विविध प्रकार के वन्य जीवों और पक्षियों का प्रवास है।प्रदेश के वनों में बाघों की बहुलता के कारण मध्यप्रदेश को बाघ राज्य के तौर पर भी जाना जाता है।

आजीविका

मध्यप्रदेश मूलतः कृषि आधारित राज्य है।प्रदेश की 72.4फ़ीसदी आबादी गावों में बसती है ग्रामीण आबादी की आजीविका का मुख्य स्रोत कृषि अथवा कृषि पर निर्भर कामकाज है।
2001 की जनगणना के अनुसार राज्य में कृषि पर आधारित लोगों की संख्या कुल आबादी का 71.5फ़ीसदी है। राज्य के कुल कृषि क्षेत्र का 150.70लाख हेक्टेयर का लगभग 53 लाख हेक्टेयर इलाका दो फसली है।तथा खेती में तालाबों का योगदान अधिकाधिक है।राज्य के अधिकांश तालाबों के जल से खेतों को पानी दिया जाता है।
राज्य की प्रमुख फसले - गेहूं, सोयाबीन, गन्ना, चना, सरसो, दाले आदि हैं।
कृषि के बाद यहां के लोगों की आजीविका और आर्थिक गतिवधियों का प्रमुख आधार उद्योग - धंधे आदि हैं।

मध्यप्रदेश

क्षेत्रफल :- 3,08,245 वर्ग किलोमीटर
जनसंख्या :- 7 करोड़ 25लाख 97 हज़ार 565
राजधानी :- भोपाल
सबसे बड़ा शहर :- इंदौर
जिले :- 51
जनसंख्या घनत्व :- 236प्रति वर्ग किलोमीटर
मुख्य भाषा :- हिंदी
मुख्यमंत्री :- श्री कमलनाथ जी
स्थापना दिवस :- 1 नवंबर 1956
विधानसभा क्षेत्र :- 230
राज्यसभा सदस्य :- 11
लोकसभा क्षेत्र 29
ज़िला पंचायतें :- 51
जनपद पंचायतें :- 313
ग्राम पंचायतें :- 22824
नगरीय निकाय :- 379