राज्य में इस समय  20 महत्वपूर्ण खनिजों का उत्पादन और उत्खनन किया जा रहा है | देश  में मध्यप्रदेश अकेला ऐसा राज्य है | जहाँ हीरा पाया जाता है | राज्य के पन्ना और छतरपुर जिलों में पाया जाता है |
मध्यप्रदेश तांबे , डायस्फोर , पायरोफिलाइट ,के उत्पादन में ,देश में प्रथम स्थान पर है | इसी प्रकार रॉक फास्फेट ,मैगनीज के उत्पादन में दूसरे स्थान पर और चूना पत्थर व् फायर क्ले के उत्पादन में तीसरे स्थान पर है |

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प्रमुख खनिज भंडार - मध्यप्रदेश में हीरा ,तांबा ,लौह ,अयस्क ,मैगनीज ,चूना ,पत्थर ,डोलोमाइट ,फास्फोराइट ,बाक्साइड ,कोयला ,जैसे प्रमुख खनिज पाए जाते है |

1 .हीरा - देश में हीरे का उत्पादन केवल मध्यप्रदेश में ही हो रहा है | मध्यप्रदेश का पन्ना जिला इसके उत्पादन के लिए विश्व में प्रसिद्ध है | पन्ना के अलावा छतरपुर जिले में भी हीरा खोजा गया है| 
वर्ष 2014 -15 में  36 ,107 कैरेट हिरा उत्पादन हुआ | इसमें 8.67 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था | 

2 . ताम्र अयस्क - ताम्र अयस्क का उत्पादन मुख रूप से बालाघाट जिले के मलाजखंड में होता है | ताम्र अयस्क का उत्पादन भी वर्ष दर वर्ष घटता जा रहा है | 
वर्ष 2014 -2015 में इसका उत्पादन 23.79 लाख टन था | जिससे 31.78 करोड़ की राजस्व प्राप्त हुआ था | 

3 . लौह अयस्क - मध्यप्रदेश के विभाजन न होने तक लौह अयस्क यहां प्रचुर मात्रा में पाया जाता था | 11 नवंम्बर ,2006 को छत्तीसगढ़ अलग  राज्य बन जाने के बाद इसका क्षेत्र घट गया | अब सिर्फ मंडला और बालाघाट के कुछ क्षेत्रों में लौह अयस्क के भंडार है | ग्वालियर ,छतरपुर ,जबलपुर में भी मात्रा में इसके भंडार है | 
वर्ष 2014 -15 में 40.93 लाख टन लौह अयस्क का उत्पादन हुआ जिससे 31.57 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ | 

4 . मैगनीज - अयस्क मैगनीज का उत्पादन राज्य में प्रमुख रूप से छिंदवाड़ा और बालाघाट जिले में होता है | मैगनीज अयस्क में फॉस्फोरस व मिलिकाँन की मात्रा काफी अधिक रहती है | जो की अयस्क की गुणवत्ता को ख़राब करती है | 
वर्ष 2014 -15 में 8.78 लाख टन उत्पादन से 19.24 करोड़ का राजस्व प्राप्त  हुआ | 

5 . चुना पत्थर - मध्यप्रदेश के कटनी ,मुड़वारा ,बड़मारा ,मेहगाँव व केसूर में इसके भंडार है | इसके अलावा श्योपुर  कला ,सतना ,और झाबुआ जिले के डाबरी -खाटी क्षेत्र में भी इसका उत्पादन होता है | 
वर्ष 2014 -15 में 395.30 लाख टन चूना पत्थर का उत्पादन हुआ जिससे 271.25 करोड़ की राजस्व प्राप्त हुआ था|

6 . डोलोमाइट - राज्य के झाबुआ ,जबलपुर ,सीधी ,इंदौर ,ग्वालियर ,देवास ,हरदा ,और बुरहानपुर जिले में भी  इसका उत्पादन होता है | 
वित्तीय वर्ष 2014 -15 में 5.43 लाख टन उत्पादन हुआ जिससे 6.38 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था | 

7 . रॉक फास्फेट - इसकी खदाने मुख रूप से झाबुआ जिले में है | सागर तथा छतरपुर जिले में भी इसके भंडार है | सागर जिले के हीरापुर में इसका उत्पादन होता है | 
वर्ष 2014 -15 में 0.79 लाख टन उत्पादन हुआ ,जिससे 0 .82 करोड़ रुपए राजस्व प्राप्त हुआ | 

8 . बाक्साइड - राज्य के कटनी ,जबलपुर ,सतना ,बालाघाट और छिंदवाड़ा जिले में बाक्साइड के भंडार है | अमरकंटक क्षेत्र में भी यह पाया जाता है | इसके अलावा रीवा जिले में भी कुछ मात्रा में यह पाया जाता है| 
वित्तीय वर्ष 2014 -15 में 8.32 लाख टन उत्पादन हुआ जिससे 9.87 करोड़ रुपए का राजस्व शासन को मिला | 

9 . कोयला - राज्य में मिलने वाला कोयला नॉन -कुकिंग किस्म का कोयला होता है | जो की धातु कर्म की दृस्टि से विशेष उपयोगी नहीं माना जाता है | कोयला राज्य में मुख्यता अनूपपुर जिले में उत्पादित हो रहा है | 
वित्तीय वर्ष 2014 -15 में 876 .00 लाख टन कोयला उत्पादन किया गया| जिससे 1816.06 करोड़ का राजस्व शासन को मिला |