भारतीय योजना आयोग की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश सरकार ने 24 अक्टूम्बर 1972 को एक अधिसूचना जारी करके मध्यप्रदेश योजना मंडल का गठन किया | जिसको निम्न लिखित कार्य सौंपे गए -

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मध्यप्रदेश योजना मंडल

(1) राज्य के संसाधनों का आंकलन करना और अनुकूल विदोहन की योजनाएँ बनाना | 
(2) राज्य योजना की प्राथमिकताएं निर्धारित करना | 
(3) जिला स्तर की उपयोगी विकास योजनाओं को तैयार करने में सहायता देना | 
(4) राज्य के आर्थिक एवं सामाजिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले घटको का मूल्यांकन करके उन्हें दूर करना |
(5) राज्य के विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा करना | 
(6) राज्य केआर्थिक एवं सामाजिक विकास की नीति में अपेक्षित संशोधन करना | 

       राज्य के मुख्यमंत्री योजना मंडल के पदेन अध्यक्ष होते है और राज्य के योजना मंत्री उपाध्यक्ष होते है | 
सत्र -1978-79 में योजना मंडल का पुनर्घटन किया गया और मंडल का कार्य -क्षेत्र बढ़ाकर महत्वपूर्ण परियोजनाओं के मूल्यांकन तथा सिंचाई एवं लोकनिर्माण परियोजनाओं के मूल्यांकन तथा सिचाई एवं लोकनिर्माण कार्यक्रमों की गतिविधियों के परिवीक्षण का कार्य भी योजना मंडल को सौंपा गया | 

योजनामंडल के प्रथम अध्यक्ष तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री प्रकाशचंद्र सेठी तथा उपाध्यक्ष डॉ. दयाराम नाग थे | श्री एन.एन. बाचू योजनामंडल के सदस्य के रूप में शामिल किए गए थे | राज्य योजना मंडल के वर्तमान अध्यक्ष कमल नाथ* जी है| तथा उपाध्यक्ष श्री भेरूलाल पाटीदार है |